ख्वाहिशों की कोई उम्र नहीं होती ..
अरमानो को बस मचलना आता हो ;
हसरतें अक्सर पूरी हो ही जाती है ..
चाहतों को बस, न बदलना आता हो ..
कमजोर भी ठोस बन जाते हैं ..
उस मोम को बस, न पिघलना आता हो ..
जिंदगी इतनी भी संजीदा नहीं..
इस दिल को बस,न फिसलना आता हो ..
अरमानो को बस मचलना आता हो ;
हसरतें अक्सर पूरी हो ही जाती है ..
चाहतों को बस, न बदलना आता हो ..
लडखडाती चाल ही दौड़ना सिख जाती हैं ..
कदमो को बस, न संभलना आता हो ...
कमजोर भी ठोस बन जाते हैं ..
उस मोम को बस, न पिघलना आता हो ..
जिंदगी इतनी भी संजीदा नहीं..
इस दिल को बस,न फिसलना आता हो ..

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