यूँ ही यादों के खजाने से
....कुछ लम्हे निकल आए
...जिसकी छावों में खिली ये जिंदगी
..इस खिली धुप में ...
याद आ गए ..वो आँचल के साए ..
.
......याद आ गए उनसे किए हर तोतले सवाल
उनका परेशां चेहरा
..और फ़िर परियों की कहानी से उनका मुझे बहलाना
....और याद आ गई ,
....मेरे रूठने पर..
.....मुझे गोद में लेकर ,उनका मेरे बालों को सहलाना....
.....याद आ गया उनका प्यार भरा गुस्सा..
...जिन्हें सोच कर मैं अब भी मुस्कुराता हूँ..
...याद आ गई उनकी फूलों सी daant..
...जिसे सुनने को अब मैं तरस जाता हूँ...
.....पर अब आ रहे वो दिन....
...फ़िर से जब मैं वो सब दोहराता हूँ....
......लो ये हुई छुट्टियाँ .. और देख... माँ!!!..मैं वो आता हूँ.. ... LOVE U MOM.....
Monday, October 11, 2010
Aata hoon ..!!
Posted by figments89 at 1:39:00 AM
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